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Aggarwal Usha ऊषा अग्रवाल

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डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल लाला सुलतान चन्द जी की सुपुत्राी हैं। श्री सुलतान चन्द जी एस. चन्द ऐंड कम्पनी (स्थापना 1917) तथा सुलतान चन्द ऐंड संस (स्थापना 1950) के संस्थापक थे। भारतीय अध्यापकों द्वारा लिखित स्कूल तथा कालेज स्तर की पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन के क्षेत्रा में उन्हांेने पथ प्रदर्शक का काम किया। राष्ट्रवाद की भावना तथा उच्च आदर्श उन्हें अपने पिता मास्टर अमीर चन्द जी (जन्म 1869) से मिले थे, जो स्वंय एक समर्पित अध्यापक, समाज सुधारक, देशभक्त तथा क्रान्तिकारी थे और जिन्हें 1915 में हार्डिग बम्ब काण्ड के साथ जुडे होने के कारण दिल्ली में मृत्यु दण्ड दिया गया।

डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल लेडी श्री राम महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से संस्कृत से स्नातक एवं स्नातकोत्तर हैं तथा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से साहित्य आचार्य हैं। मैक्समूलर भवन, कस्तूरबा गांधी मार्ग से इन्होंने जर्मन भाषा पाठ्यक्रम में सपफलता हासिल की है। इसके अलावा बंगाली भाषा पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान पर रहने के कारण इन्हें मैडल भी मिल चुका है। ज्योतिष् पाठ्यक्रम में सपफलता इनकी अतिरिक्त योग्यता है।

साढ़े तीन दशक इन्होंने राजकीय उच्चतम माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन एवं प्रशासनिक कार्यो में बिताया। इस दौरान हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विद्यालय में अच्छे परिणाम हेतु तथा उनकी संस्कृत में प्रकाशित कृतियों के लिये संस्कृत अकादमी द्वारा नकद ईनाम दिया जा चुका है। अनेक प्रशंसा पत्र और सर्टिफिकेट शिक्षा निदेशालय दिल्ली सरकार द्वारा मिल चुके हैं। डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल श्री सुलतान चन्द न्यास (ट्रस्ट) की अध्यक्ष हैं तथा सुलतान चन्द द्रोपदी देवी एजुकेशन फाउण्डेशन ट्रस्ट की संस्थापक ट्रस्टी हैं। इन न्यासों (ट्रस्टों) के संस्थापन का उद्देश्य धर्मार्थ कार्य करना है। डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल मैसर्स सुलतान चन्द एन्ड संस, एजुकेशन पब्लिशर्स, नई दिल्ली की मुख्य व्यवस्थापक हैं। डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल की मानव मनोविज्ञान पर गहरी पकड़ है। वह संस्कृत तथा हिन्दी में उत्कृष्ट निपुणता रखती हैं। वह अपनी पुस्तकों के माध्यम से मानवीय मनोभावों और संवेदनाओं को उकेरने में सफल रही हैं।

डाॅ॰ ऊषा अग्रवाल द्वारा प्रकाशित कृतियाँः
‘सफलता’, ‘मन’, ‘कर्म’, ‘दुनिया आपके हाथ परिश्रम के साथ’, ‘आचार्य देवो भव’, ‘हास्य-व्यंग के संग-जीवन में रंग’, ‘वाणी-जीवन संजीवनी’, ‘हास्य-सुखद जीवन लास्य’, ‘उन्नति के शिखर पर’, ‘पन्चतन्त्र’, ‘हितोपदेश’, ‘विदुर नीति’, ‘महाभारत-कथालोक’, ‘चाणक्य नीति’, औषधसम पोषक फल-सब्जियाँ’, ‘जीवेम शरदः शतम्’, श्च्ीपसवेवचीपबंस ।चचतवंबी जव ।ससमहवतपबंस क्तंउंे पद ैंदेातपजश्ए ‘संस्कृत व्याकरण दीपिका’, ‘संस्कृत वाघ्मय विमर्शिनी’, ‘संस्कृत कविता कादम्बिनी’।